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जीत उसी की होती जिसने हार को कभी झेला

जीत उसी की होती जिसने हार को कभी झेला  दुःख हीं लाता सुख का साधन यही होता खेला,,
खेल जिस जिस ने खेला, देखने वालो का मेला  खेल जिसने नहीं खेला लगता समझ गयें खेला,,
तोड़ दो हर दीवार को जिसमें भर्ष्टाचार से काम  सबको क्यूँ करते बदनाम कौन दे पायेगा ईनाम,,
बार बार क्यूँ बदलना कपड़ा है क्या इसे सुधारो  सुधर ना पाये, गिरेबान पकड़ खिंच निचे उतारो,,
कानून के द्वारा कानून समझाओ बदलते जाओ  नहीं सुधरने वालो को हटाओ इज़्ज़त न घटाओ,,
समाज सुधर जायेगा, सुधारने वालो को, सुधारो  सुधरने वाला नहीं बिगाड़ दिया उसे निचे उतारो,,
जीना सीखो सिखाओ, मरना आसान समझाओ  इज़्ज़तदार बनो, अपने घर जाओ, मत घबराओ,,
ठीक हो जायेगा, यक़ीन करो, समझों समझाओ हारने वालो, जीतने वालो की कमी गिनते जाओ,,
समाज़ सुधारने, आत्महत्या करने वालो, आओ  मेरे संग, आवाज़ उठाओ भर्ष्टाचार घटाते जाओ,,
#bharshtachaar #Atyachaar #Crime #NYAY #anyway #garibi #bhukhmari

दुःख झेले हैं मैंने भी बहुत भले छोटी बच्ची हूँ

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दुःख झेले हैं मैंने भी बहुत भले छोटी बच्ची हूँ  तुमने झेला तो कौन सा तीर मार दिया बताओ,,
ग़रीबी क्या होती है कभी गरीबों के घर जाओ   भाषण देते राशन देते, ग़रीब बनके मुस्कुराओ,,
मेहनत से मज़दूरी करके घर का खर्च चलाओ  अकल ठिकाने लग जाएगी मुस्कुरा के बताओ,,
पढ़े लिखे कमा लेते, अनपढ़ बन कर कमाओ नमक रोटी से गुज़ारा करके, हँस के बतलाओ,,
तनख्वाह देते मालिक कभी नौकर बन जाओ  नौकर बनके तनख्वाह ले घर का खर्च उठाओ,,
ग़लती तुम्हारी माफ़ी लायक गरीबों को सताते  ग़रीब को लूट तुम खाते, भाषण देने चले आते,,
सरकारी खज़ाना तुम लुटाते गुनेहगार ठहराते  एक ग़लती भी हो जाए तो सज़ा सुनाके जाते,,
जनता को गुमराह करते, समाज़ को लूट खाते  कोई ग़लती हो भी जाए माफ़ी माँग जीत जाते
#NYAY #Anyay #Garibi #Brojgari

कैद किया मुज़रिम को आज रिहा कर दिया

कैद किया मुज़रिम को आज रिहा कर दिया  अच्छा किया जीने का हक़ सबको तूने दिया,, 
इन्सान को उसकी औक़ात दिखला हीं दिया  कल तक जिसने जो किया आज भुला दिया,,
मौका दिया सुधरने का समय है सुधर जाओ  क़हर ढाने वाले डर जाओ वक्त है घर जाओ,,
कोरोना तूने जो किया, सभी को सुधार दिया  लालच बुरी बला, आँखों देखि दिखला दिया,,
हज़ारो लाखों रोज़ाना मरते, ग़रीब पैसे वाले   गुनहगारों को ठीक, बेगुनाहों को सजा दिया,,
वैज्ञानिकों ने प्रयास कर, वैक्सीन बना लिया  महामारी को फ़ैलाने, वालो को अपना लिया,, 
अदृश्य ने असलियत आँखों देखी बता दिया  आत्मनिर्भर का मतलब जजों को बता दिया,,
विदेशी जजों ने कैदी को जेल से रिहा किया आजाद कर देश में न्याय का हीं काम किया 
#NYAY #Anyay #Bhrashtachar #atyachar

थोड़ा वक्त गुज़रने को वक्त को गुज़ारने दो

थोड़ा वक्त गुज़रने को, वक्त को गुज़ारने दो  धीरज रखो सब ठीक ही होगा ग़र तुम होगे,,
यहाँ बिकता सबकुछ रुपयों से, धीरज रखो  रुपयों को आने के लिये, वक्त तो गुज़रने दो,,
रोजगार भले ना हो, खेत खलिहान तो होगा ख़ेती बारी करने को जनसख्याँ घट जाने दो,,
ग़ुलामी मत करना यारो, ग़ुलाम बन जाओगे  ग़ुलामी करवाने के लिये वक्त को गुज़ारने दो,,
अकेले कब तक लड़ोगे सभी दुश्मन के जैसे  दुश्मन के संग दोस्ती को वक्त को गुज़रने दो,,
झुकना मत सब याद रखना जो गयें अपने थे  अपनों की याद में, वक्त को हीं गुज़र जाने दो,,
छोड़ना मत भ्र्ष्टाचारियों को, अत्याचार करेंगे  भविष्य के सुधार में वर्तमान को बिगाड़ने दो,,
बदला नहीं बदलाव जरूरी, ग़र सुधरना चाहे  बदलाव के लिये बदला ग़र बिगड़ता हीं जाये,,
बर्वाद कितनों का करेगा, तुम अकेले तो नहीं  जनता को जागरूक करो वक्त गुज़र जाने दो,,
फ़िर से आयेगा, वोट मांगने को, वक्त आने दो  वोट देना हीं मत फ़िर से एलेक्शन तो आने दो
#NYAY #Anyay #Bhrashtachar #poor

चोरी करने वालो को पुलिस पकड़ लेती

चोरी करने वालो को पुलिस पकड़ लेती है,चाहे पेट भरने के  लिए खाना हीं क्यूँ ना चुराया हो,गर्व की बात है हमारे रक्षक  होते पुलिस वाले,मुज़रिम को थाने में ले जाते,रिमांड लेने के  बाद रिकवरी फ़िर उन्हें जेल में पहुँचाते, सबुत इकट्ठा कर के रिपोर्ट तैयार करते जज के फैसले का इंतज़ार कर सज़ा भी करवाते या सबूत के आभाव में बरी.
बहुत लम्बी चौड़ी कहानी होती मुज़रिमों की,क्यूँकि मुज़रिम  तो अपने बाप का भी नहीं होता, पुलिस वाले अच्छे होते जो  मुज़रिम को जेल में पहुँचाते उससे सज़ा कटवाते,पुलिस को  मुज़रिम को पकड़ने के बदले तनख्वाह,सरकार और पुलिस का होना अति आवश्यक है देश को चलाने के लिए, सरकार  को हम वोट देते और जिताते रहते.
दिन पर दीन घोटाले होते तो ऍफ़ आई आर भी होते हीं रहते    देश छोड़कर भाग जाते मुज़रिम तो कभी पकड़े भी जाते तो  किसी का एनकाउंटर होता तो किसी का गुनाह साबित नहीं  हो पाता, ऐसा क्यूँ जब पुलिस का काम है पकड़ना तो कोई  गुनाह करके कैसे पुलिस को गुमराह कर जाता, मुज़रिम को  पकड़ना क्या इतना मुश्किल है.  सरकार से गलतियाँ नहीं होती, क्या पुलिस काम ईमानदारी  से करते हैं, क्या जज सभी मुज़रिमों को सज़ा दे पाता, नहीं बिलकुल नहीं मु…

जिंदगी मौत के सफ़र में सिर्फ तू बना भगवान

पलटकर देख तू ख़ुदको हरतरफ़ तेरा हीं नाम  कोरोना हुआ बदनाम सब देने लगे तुझे ईनाम,,
जिंदगी मौत के सफ़र में सिर्फ तू बना भगवान  थोड़े पैसो के लालच में, बेचने लगा धर्म ईमान,,
बेबस औ लाचार से नफ़रत करता होगा जरूर  ऐय्यासी करता होगा तभी तो उसे बनाया हुज़ूर,, 
ख़ुदको तो बेच दिया अब देश बेचने की है बारी  मंदबुद्धि का शिकार है तू ,चाहे ख़ूब कर तैयारी,,
आतंकवादी तो नहीं शायद है मुसीबत का जड़  समझदार हीं होगा शायद, बता कोरोना का डर,, जो तूने बनाया है, एकदिन आयेगा तू भी डरेगा हज़ारो लाखों को मारने वाला तू एकदिन मरेगा,,
नेगेटिव रिपोर्ट बता के बता क्यूँ तू पैसा कमाता  महामारी को फ़ैलाने वाला रिपोर्ट ख़ुदसे बनाता,,
भर्ष्टाचार में लीन बता अत्याचार क्यूँ करने लगा  मरीज़ को हीं लूटने लगा, ख़ुदसे क्यूँ लड़ने लगा,,
फ़ोन ट्रेसिंग होगा तेरा, राज़ सारे खुल हीं जायेंगे  पकड़े जायेंगे सारे गुनेहगार, तुझे देख पछतायेंगे 
#doctor #fakereport #coronavirus

दफ़नायेंगे हमें बिच बाज़ार में लाश गिरायेंगे

दफ़नायेंगे हमें बिच बाज़ार में लाश गिरायेंगे  ख़रीद फ़रोख़्त लूटखोरी करते नज़र आयेंगे,,
अरबों का सौदा करते, फूटी कौड़ी, दे पायेंगे   दफ़नायेंगे, हर एक को जिन्दा दफ़ना जायेंगे,,
पैरो तले ज़मीन, खिसकायेंगे, दफ़ना आयेंगे  क़ब्र ख़ोद, हम सबको दफ़नाते नज़र आयेंगे,,
पैसो का बुख़ार चढ़ा, ऐसे कैसे उतार, जायेंगे  ग़रीबी, भुखमरी बीमारी, बेरोजगारी, बढ़ायेंगे,,
यक़ीन नहीं होता, जल्द हीं, दिन दिखलायेंगे  कोरोना मरीज़ बढ़ायेंगे, जिन्दा हीं दफ़नायेंगे,,
प्रभु राम का गुण गायेंगे, रावण, नज़र जायेंगे  पैरो तले ज़मीन खिसका, तुम्हे दफ़ना आयेंगे,,
रावण युग, स्थापना कर, औरतों को सतायेंगे महँगाई, बढ़ायेंगे, भ्र्ष्टाचार से, ग़रीबी बढ़ायेंगे,,
सोने की चिड़िया, लगता पत्थर का बनवायेंगे  उम्र घटाने की दवा खोज़, भगवान बनजायेंगे,,
न्याय नहीं अन्याय करवायेंगे सज़ा कटवायेंगे  जिद्दी, जो नहीं माने उसे जिन्दा हीं दफ़नायेंगे,,
समुन्दर मंथन, कर अमृत भी निकाल, लायेंगे ढकोसला कर चुनाव जितने के बाद, रुलायेंगे,,
लोकतान्त्रिक, तरीके से राजतंत्र, फ़िर, लायेंगे  ग़ुलामी, करवायेंगे, अत्याचार, कर, दफ़नायेंगे
#Bhrashtachar #atyachar #Rajniti #Crime #poetry #corona #kanun