दफ़नायेंगे हमें बिच बाज़ार में लाश गिरायेंगे

दफ़नायेंगे हमें बिच बाज़ार में लाश गिरायेंगे 
ख़रीद फ़रोख़्त लूटखोरी करते नज़र आयेंगे,,

अरबों का सौदा करते, फूटी कौड़ी, दे पायेंगे  
दफ़नायेंगे, हर एक को जिन्दा दफ़ना जायेंगे,,

पैरो तले ज़मीन, खिसकायेंगे, दफ़ना आयेंगे 
क़ब्र ख़ोद, हम सबको दफ़नाते नज़र आयेंगे,,

पैसो का बुख़ार चढ़ा, ऐसे कैसे उतार, जायेंगे 
ग़रीबी, भुखमरी बीमारी, बेरोजगारी, बढ़ायेंगे,,

यक़ीन नहीं होता, जल्द हीं, दिन दिखलायेंगे 
कोरोना मरीज़ बढ़ायेंगे, जिन्दा हीं दफ़नायेंगे,,

प्रभु राम का गुण गायेंगे, रावण, नज़र जायेंगे 
पैरो तले ज़मीन खिसका, तुम्हे दफ़ना आयेंगे,,

रावण युग, स्थापना कर, औरतों को सतायेंगे
महँगाई, बढ़ायेंगे, भ्र्ष्टाचार से, ग़रीबी बढ़ायेंगे,,

सोने की चिड़िया, लगता पत्थर का बनवायेंगे 
उम्र घटाने की दवा खोज़, भगवान बनजायेंगे,,

न्याय नहीं अन्याय करवायेंगे सज़ा कटवायेंगे 
जिद्दी, जो नहीं माने उसे जिन्दा हीं दफ़नायेंगे,,

समुन्दर मंथन, कर अमृत भी निकाल, लायेंगे
ढकोसला कर चुनाव जितने के बाद, रुलायेंगे,,

लोकतान्त्रिक, तरीके से राजतंत्र, फ़िर, लायेंगे 
ग़ुलामी, करवायेंगे, अत्याचार, कर, दफ़नायेंगे

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#Crime #poetry #corona #kanun

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