पोस्ट

अगस्त, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जीत उसी की होती जिसने हार को कभी झेला

जीत उसी की होती जिसने हार को कभी झेला  दुःख हीं लाता सुख का साधन यही होता खेला,, खेल जिस जिस ने खेला, देखने वालो का मेला  खेल जिसने नहीं खेला लगता समझ गयें खेला,, तोड़ दो हर दीवार को जिसमें भर्ष्टाचार से काम  सबको क्यूँ करते बदनाम कौन दे पायेगा ईनाम,, बार बार क्यूँ बदलना कपड़ा है क्या इसे सुधारो  सुधर ना पाये, गिरेबान पकड़ खिंच निचे उतारो,, कानून के द्वारा कानून समझाओ बदलते जाओ  नहीं सुधरने वालो को हटाओ इज़्ज़त न घटाओ,, समाज सुधर जायेगा, सुधारने वालो को, सुधारो  सुधरने वाला नहीं बिगाड़ दिया उसे निचे उतारो,, जीना सीखो सिखाओ, मरना आसान समझाओ  इज़्ज़तदार बनो, अपने घर जाओ, मत घबराओ,, ठीक हो जायेगा, यक़ीन करो, समझों समझाओ हारने वालो, जीतने वालो की कमी गिनते जाओ,, समाज़ सुधारने, आत्महत्या करने वालो, आओ  मेरे संग, आवाज़ उठाओ भर्ष्टाचार घटाते जाओ,, #bharshtachaar #Atyachaar #Crime #NYAY #anyway #garibi #bhukhmari